KARMA (कर्मा )के सेट पर दिलीप कुमार को 1 घंटे तक घूरते ते रहे थे अनुपम खेर, फिर सुभाष घर को हुई चिंता…..

आज हम आपसे बॉलीवुड फिल्मी दुनिया की ऐसी शख्सियत जो किसी पहचान की मोहताज नहीं वह बॉलीवुड दो फिल्मी दुनिया के मशहूर अभिनेता जिनके अभिनय ने पूरे बॉलीवुड पर राज किया है, और उन जैसा अभीनेता ना आज तक कोई आया है और ना ही कोई आएगा जी हां हम बात कर रहे हैं दिलीप कुमार साहब की.

दिलीप कुमार साहब ने अपनी एक्टिंग से फिल्मी दुनिया में वह जान पिरोही थी कि उसको आज भी उनके फैंस याद करते हैं.दिलीप साहब ने जितनी भी फिल्मों में अभिनय किया उसको हु इस तरह निभाते थे कि करैक्टर में डूब जाया करते थे.अगर हम उनकी फिल्म कर्मा की बात करें जो कि सुभाष घई द्वारा निर्देशित फिल्म 1986 में रिलीज हुई थी कर्मा में पहली बार अनुपम खेर और दिलीप कुमार एक दूसरे से मिले थे.

इस फ़िल्म में दिलीप कुमार ने जेलर का किरदार निभाया था और अनुपम खेर ने डॉक्टर डेंग नाम के खलनायक का किरदार निभाया था इस फिल्म में दिलीप कुमार और अनुपम खेर पर एक फिल्म का सीन दर्शाया गया था यह सीन इतना दमदार था कि आज भी इसके चर्चे होते हैं. फिल्म में खलनायक का रोल निभाते हुए अनुपम खेर और दिलीप साहब का सीन चल रहा था इस सीन में दिलीप साहब ने डॉ डेंग नाम के खलनायक किरदार को जेलर ने जोरदार थप्पड़ लगाया था और वह सीन काफी पॉपुलर रहा.
एक्टर अनुपम खेर ने दिलीप कुमार साहब के साथ फिल्म कर्मा के सेट पर उस दिन की याद को ताजा करते हुए बताया जब पहली बार उनसे मुलाकात हुई तो तकरीबन 1 घंटे तक उनको ताकता रहा था. सुभाष घई मुझे साइड में ले जाकरबोले तू मेरी फिल्म का विलेन है ऐसे प्यार से उन्हें घूरते रहोगे तो मुश्किल हो जाएगी,मैंने उनसे कहा जिस शख्सियत की वजह से फिल्मों में आया हूं उन्हें एक घंटा क्या ताऊमर घूर सकता हूं.
मेरे पहले शॉट के बाद जब दिलीप साहब कुमार ने सुभाष घई से कहा लाले यह तो बड़ा डेंजरस एक्टर आया है यह दूर तक जाएगा तो मुझे लगा कि मुझे एक्टिंग का सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है अब मुझे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है.एक्टर दिलीप कुमार जी के निधन पर अनुपम खेर ने इमोशनल वीडियो के द्वारा अपनी यादें और जज़्बात शेयर किए हैं सोशल मीडिया पर अनुपम खेर कहते हैं कि दिलीप कुमार के पास कुछ देर बैठना ही अभिनय सीखा जाता है उनके जैसा पूर्ण कलाकार ना कभी आया था और न कभी आएगा।एक्टर अनुपम खेर ने कहा यह मेरा निजी नुकसान है मैंने एक दोस्त, गाइड,मेंटार और एक्टिंग गुरु को खो दिया है।अनुपम खेर बताते हैं कि उन्होंने स्कूल से भागकर पहली फिल्म देखी थी वह गोपी थी।टिकट खरीदने के चक्कर में नाक तुड़वाली। खून बहता रहा मगर फिल्म देखना नहीं छोड़ा।मधुमति 18 बार और राम और श्याम 40 बार देखी है।मुझे उनके साथ चार फिल्मों में काम करने का मौका मिला और मैंने उनके साथ बहुत वक्त गुजारा.मैं उनसे बहुत सवाल करता था 1 दिन हंसकर और शायद तंग आकर बोले तू बंदा है या बंदर।अनुपम कहते हैं कि दिलीप साहब हिंदुस्तानी सिनेमा की आत्मा है और आत्मा अमर होती है। इस फिल्म में अनिल कपूर,नसीरुद्दीन शाह, जैकी श्रॉफ,श्रीदेवी,पूनम ढिल्लों,शक्ति कपूर और नूतन ने मुख्य किरदार निभाए थे.