पति ने बेटी पैदा हुई तो सुनाई पत्नी को मौत की सजा, बोला हॉस्पिटल से घर आ जिंदा छोडूंगा नहीं

बेटियां बेटों से कम नहीं होतीं। आपको कई लड़कियां मिलेंगी जो लगभग हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं। सरकार बेटियों के हित में कई योजनाएं भी बनाती है। वह घर में बेटी होने पर निराश होने के बजाय लोगों को खुश करने की कोशिश करती है। हालांकि, इसके बावजूद, देश में कई ऐसे परिवार मिल जाएंगे, जहां बेटी होने पर दुख मनाया जाता है।

अब मध्य प्रदेश के सागर के भाग्योदय अस्पताल की घटना को ही लें। यहां, आशा आठ्या नाम की एक महिला ने 23 फरवरी को एक बेटी को जन्म दिया। हालांकि ये बाद उसके पति अरविंद आठ्या को चुभ गई। जब वह 24 फरवरी को अस्पताल आया, तो बेटी को जन्म देने के लिए पत्नी के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उसने अपनी पत्नी को जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ित महिला आशा आठ्या ने कहा कि मेरे पति अस्पताल में आए और मेरे साथ मारपीट करने लगे। जब मेरी बहन उषा मुझे बचाने के लिए आई तो उसने उसे भी मारना शुरू कर दिया। हंगामा देखकर अस्पताल के कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया और अरविंद को रास्ते से हटा दिया। हालांकि, चलते-चलते उसने मुझे धमकी दी कि ‘तू डिस्चार्ज होकर घर आ तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा’।

महिला ने यह भी बताया कि वह रेलवे में काम करती है। पति और घर का सारा खर्च भी वही वहन करती है। लेकिन फिर भी उसका पति उसे मारता है और दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करता है। आशा और अरविंद की शादी 2016 में हुई थी। आशा के अनुसार, जब वह गर्भवती थी, तब भी मेरे पति किसी की देखभाल नहीं करते थे। फिर मेरी बहन उषा ने घर की देखभाल करने के लिए उसे गाली देना शुरू कर दिया।

दूसरी ओर, जब पुलिस को इस पूरे मामले के बारे में पता चला, तो वे अस्पताल आए और पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर उसके पति पर मारपीट और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया। पुलिस ने महिला को आश्वासन दिया है कि वह अपने पति के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।

यह शर्म की बात है कि आज भी देश में महिलाओं को बेटी होने पर पीटा जा रहा है। उन्हें ताने सुनने पड़ते हैं। ऐसी सोच वाले लोग सजा के हकदार हैं। अगर आपके घर या परिचित में कोई ऐसी घटना होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। तभी इन लोगों की पिछड़ी सोच उनके बचाव में आएगी।