छोटी उम्र में मां-बाप को अलग होते देख चुकी है काजोल, देखें उनके परिवार की पुरानी तस्वीरें

काजोल का नाम बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्रियों में शुमार है। 5 अगस्त 1974 को जन्मी काजोल वर्तमान में 46 साल की है। इन दिनों वे फिल्मों में बहुत कम नजर आती है, लेकिन एक जमाना था जब वे हर साल दो से तीन हिट फिल्में दिया करती थी। काजोल के फिल्मी करियर और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में तो आप सभी बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन आज हम उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानेंगे।

काजोल के पिता का नाम सोमू मुखर्जी है। वे अपने जमाने के मशहूर निर्माता-निर्देशक हुआ करते थे। वहीं काजोल की माँ तनुजा भी अपने समय की फेमस अभिनेत्री हैं। काजोल की एक बहन भी है जिसका नाम तनिशा मुखर्जी है। वे भी फिल्मों में अभिनय करती हैं। एक तरह से हम कह सकते हैं कि काजोल का पूरा परिवार ही फिल्मी है।

काजोल की मौसी नूतन, नानी शोभना समर्थ और परनानी रतन बाई भी अपने दौर की फेमस अभिनेत्री रह चुकी हैं। वहीं रानी मुखर्जी, मोहनीश बहल, शरबनी मुखर्जी और अयान मुखर्जी काजोल के भाई बहन हैं। उनके दादा और सभी चाचा भी फिल्म इंडस्ट्री से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए थे।

एक फिल्मी परिवार में बड़ी होने के नाते उन्होने उन्होंने स्कूल के दिनों में ही तय कर लिया था कि वे अपनी मां तनुजा और मौसी नूतन की तरह फिल्मों अभिनेत्री बनेंगी। डांस करने में उनकी बचपन से ही रुचि रही है। वे बोर्डिंग स्कूल में पड़ी हैं। उनके स्कूल का नाम सेंट जोसेफ कॉन्वेट स्कूल (पंचगनी) है।

काजोल के माता पिता (तनुजा और सोमू मुखर्जी) ने 1973 में शादी रचाई थी। जब काजल छोटी थी तभी दोनों अलग हो गए थे। ऐसे में काजोल और उनकी बहन अपनी मम्मी तनुजा संग रहने लगी थी। यह भी एक वजह है कि काजोल अपने ऑनस्क्रीन नाम के आगे पिता का सरनेम ‘मुखर्जी’ नहीं लगाती हैं। 10 अप्रैल 2008 को उनके पिता सोमू मुखर्जी चल बसे थे।

काजोल की अपनी मम्मी तनुजा के साथ अच्छी बॉंडिंग देखने को मिलती है। वे अपनी मां का खूब ख्याल रखती हैं। जब कुछ समय पहले तनुजा बीमार पड़ गई थी तो काजोल ने ही उनकी देखभाल की थी।

काजोल ने बॉलीवुड में एंट्री 1992 में ‘बेखुदी’ फिल्म से की थी। उस समय उनकी उम्र महज़ 16 साल थी। फिल्मों में करियर आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना स्कूल भी छोड़ दिया था।

काजोल की डेब्यू फिल्म ‘बेखुदी’ तो फ्लॉप रही लेकिन उनकी दूसरी फिल्म ‘बाजीगर’ बॉक्स ऑफिस पर छा गई। इस फिल्म में वे शाहरुख खान के साथ नज़र आई थी। फिल्म में दोनों की जोड़ी को बहुत पसंद किया गया था।

अपनी शक्ल सूरत और डार्क स्किन के चलते काजोल का इंडस्ट्री में बहुत मज़ाक भी उड़ाया जाता था। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रही। आखिर 1995 में ‘ दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ ने उन्हें एक सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई। दिल्लगी, करण अर्जुन, दुश्मन, गुप्त, इश्क, प्यार किया तो डरना जैसी कई फिल्मों ने उनके करियर में चार चांद लगा दिए।

वैसे आप लोगों को काजोल कैसी लगती है हमे कमेन्ट कर जरूर बताएं।